सूत्रों ने बताया है कि लाल सागर के तट पर स्थित मुख़ा और ख़ोख़ा बंदरगाहों का नियंत्रण सऊदी सैनिक अधिकारियों ने संभाल लिया है। इन दोनों बंदरगाहों पर संयुक्त अरब इमारात ने अपनी सैनिक उपस्थिति बहुत सीमित कर दी है। सऊदी अरब ने दक्षिणी शहर अदन में भी अपने सैनिक तैनात किए हैं जबकि बरीम द्वीप पर भी अपने सैनिकों को भेजा है जो बाबुल मंदब स्ट्रेट के क़रीब स्थित है।
इमारात तो कहता है कि वह स्ट्रैटेजी के तहत से अपने सैनिकों को यमन से वापस बुला रहा है लेकिन जानकारों का कहना है कि यमन युद्ध में हस्तक्षेप के कारण होने वाले भारी नुक़सान से इमारात अपने सैनिक वापस बुलाने पर मजबूर हुआ है। इस युद्ध में इमारात के कम से कम 112 सैनिक मारे गए हैं। इमारात को यह भी डर है कि वर्तमान परिस्थितियों में कहीं उसकी अपनी सीमा के क़रीब को टकराव न शुरू हो जाए।